नई दिल्ली: देश के नौ करोड़ से अधिक किसानों की नजरें एक बार फिर केंद्र सरकार पर टिकी हुई हैं। पिछली बार 19 नवंबर 2025 को किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि ट्रांसफर की गई थी। तब से किसान अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। आज 28 फरवरी को महीने का अंतिम दिन है, लेकिन योजना की 22वीं किस्त अब तक लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची है।
बैंक अवकाश बना बड़ी वजह
कई किसानों को उम्मीद थी कि फरवरी के आखिरी दिन उन्हें यह आर्थिक सहायता मिल जाएगी। हालांकि आज महीने का चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद हैं। पीएम किसान योजना के तहत राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। बैंकिंग प्रणाली के अवकाश पर रहने से आज फंड ट्रांसफर होने की संभावना बेहद कम है। आमतौर पर छुट्टी के दिन इतनी बड़ी सरकारी राशि का ट्रांजैक्शन नहीं किया जाता।
लगातार छुट्टियों से बढ़ी चिंता
आज के बाद भी बैंकिंग कैलेंडर किसानों की उम्मीदों को झटका दे सकता है। 1 मार्च को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। 2 मार्च को उत्तर प्रदेश में बैंक अवकाश रहेगा, जबकि 3 मार्च को कई अन्य राज्यों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इसके बाद 4 मार्च को होली का सार्वजनिक अवकाश है। लगातार पड़ रही इन छुट्टियों को देखते हुए होली से पहले किस्त मिलने की संभावना काफी कम नजर आ रही है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
अब तक केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। बिना स्पष्ट घोषणा और लगातार बैंक अवकाश के चलते होली से पहले किसानों के खातों में राशि पहुंचने की उम्मीद लगभग खत्म होती दिख रही है। ऐसे में त्योहार से पहले आर्थिक सहायता न मिलने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।